
*भाजपा के स्वीकृत काम को अपना श्रेय ले रही कांग्रेस विधायक*
*वोट चोर अब काम चोर बने!*

तिलक राम पटेल संपादक महासमुन्द वन्दे भारत लाइव टीवी न्यूज चैनल समृद्ध भारत अखबार
वोट चोर अब काम चोर बने! सरायपाली विधायक सिर्फ़ अखबारों में झूठी वाहवाही लूट रही हैं, असली विकास भाजपा के सांसद रूपकुमारी चौधरी, महिला आयोग सदस्य सरला कोसरिया, जिला पंचायत अध्यक्ष मोगरा पटेल, पूर्व विधायक द्वय त्रिलोचन पटेल, रामलाल चौहान, जिला उपाध्यक्ष बिपीन उपोवेजा, पूर्व जिलाध्यक्ष संजय शर्मा, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष छत्तर सिंह नायक, नगर पालिका अध्यक्ष सरस्वती चंद्रकुमार पटेल , जनपद अध्यक्ष लक्ष्मी पटेल, जिला पंचायत सदस्य कुमारी भास्कर, देवकी दीवान और लोकनाथ बारी आदि भाजपा के अन्य वरिष्ठ नेताओं राजेन्द्र नायक, स्वर्ण सिंह सलूजा,कामता पटेल, धनेश नायक, चंद्रकुमार पटेल और मंडल अध्यक्ष व जनपद सदस्यों की मेहनत से हो रहा है। लगातार प्रदेश के मुखिया विष्णुदेव साय और मंत्री मंडल से मिलकर सरायपाली विधानसभा क्षेत्र पिछड़े न और न ही विकास से वंचित हो इसके लिए सतत प्रयासरत है। सरायपाली क्षेत्र के विकास के लिए चिंतित भी है।
लेकिन सरायपाली की कांग्रेस विधायक क्षेत्र की विकास और जनता की चिंता छोड़कर झूठा श्रेय लेकर अपना आंकड़ा बढ़ाने में लगी हुई है।
सरायपाली की जनता अब थक चुकी है कांग्रेसी विधायक के इस नकली ड्रामे से! जब कांग्रेस की सरकार थी, तब पाँच सालों में विकास की एक ईंट भी नहीं रखी गई—सड़कें टूटीं, पानी नहीं, बिजली की किल्लत, स्कूल-आंगनबाड़ी जर्जर। लेकिन जैसे ही छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार आई, विकास की गंगा बहनी शुरू हो गई—नई सड़कें, पुल, सिंचाई, स्कूलों का जीर्णोद्धार, हर विभाग में कामों की बाढ़!फिर भी सरायपाली की विधायक सिर्फ़ वाहवाही लूटने में माहिर हैं। विभागों से जानकारी चुराकर, भाजपा पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के संयुक्त प्रयास द्वारा स्वीकृत करवाए गए कामों को अपना बता कर अखबारों में छपवा रही हैं। झूठा श्रेय लेने की यह आदत अब हद पार कर गई है! विगत दिनों सांसद रूपकुमारी चौधरी जी द्वारा सरायपाली विधानसभा क्षेत्र में स्वीकृत कई महत्वपूर्ण कार्यों को भी चुराकर पेपर में अपना नाम चढ़वा दिया—यह है उनकी असली राजनीति!जनता की सेवा और काम छोड़कर अब सिर्फ़ विभागों से डरा धमकाकर अपना स्वार्थ सिद्ध करने में लगी हुई हैं इन्हें जनता से कोई सरोकार नही है सिर्फ धरना प्रदर्शन और आंदोलन से मतलब है क्योंकि इसका कारण कुछ और है। जैसे ही स्वार्थ सिद्ध हो जाती है धरना प्रदर्शन,आंदोलन बंद हो जाती है।जनता की सेवा नहीं, अपना स्वार्थ और अखबारों की सुर्खियाँ भरना उनका मुख्य एजेंडा बन गया है। वोट चोर का नारा देने वाले आज खुद काम चोर बन बैठे हैं—जनता की मेहनत की कमाई और भाजपा की मेहनत के फल को चुरा-चुरा कर अपना बता रहे हैं! विभागों से जानकारी चुराकर तुरंत पेपर में छपवाकर अपना श्रेय लेने से पीछे नही हटती है।
जनता सब देख रही है! सरायपाली की यह निष्क्रिय और स्वार्थी विधायक विकास की गंगा में डुबकी नहीं लगाना चाहतीं, बस उसकी लहरों पर सवार होकर फोटो खिंचवाना और झूठे क्रेडिट लेना चाहती हैं। असली विकास भाजपा सरकार और स्थानीय पदाधिकारियों,नेताओं की मेहनत से हो रहा है—न कि इनके फर्जीवाड़े से। समय आ गया है कि जनता ऐसे श्रेय-चोरों को सबक सिखाए। वोट चोर से काम चोर तक का सफर अब खत्म होना चाहिए—सरायपाली की जनता अब जाग चुकी है,जान चुकी है और अच्छी तरह से पहचान भी चुकी है और आने वाले समय इस “श्रेयवीर” और “जानकारी चोर” का मुंहतोड़ जवाब देगी!





